♥♥ ~~श्री राम जय राम जय राम~~♥♥
हे दीन दयाल हे कृपा निधान इस ईर्ष्या द्वेष परिपूर्ण जगत में स्वार्थ मद चूर जगत में आधुनिक रंग परिपाट लम्पट में षडयंत्रो से लिपटे नर नार धन पर मर मिटने वाले कीट नाग हम राम राम हम कृष्ण कृष्ण को जपते है हम पिछड़े और अनभिज्ञ हैं वो हम पर आश्चर्य करते हैं हम स्वयं पर आश्चर्य करते हैं आप के आश्रय चमत्कार पर जीते हैं आप हमारी सक्षमता हो हम आपके कदमों पर चलते हैं आपके विश्वास पर चलते हैं श्री राम जय जय श्री राम हम मुश्किल राहों पर आसानी से चलते हैं श्री राम जय जय श्री राम धन्यवाद हे प्रभु आपकी अनंत कृपा यूँ बनी रहे आपका सानिध्य हरि हर बना रहे ।। हरि ॐ हरि ॐ।।